Wednesday, 7 March 2018

गौरी लंकेश हत्या मामला : हिंदुत्वनिष्ठोंकाे बलि का बकरा बनाने का कर्नाटक काँग्रेस का षड्यंत्र !

March 7, 2018

मंड्या (कर्नाटक) : देश को हिलानेवाले पत्रकार गौरी लंकेश हत्या प्रकरण में एक छोटासा धागा ढूंढने में भी असफल रहा राज्य शासन क्या अब आनेवाले चुनाव को सामने रखकर उसका लाभ उठाने का प्रयास कर रहा है ? इस संदेह की पुष्टि करनेवाली तथा इस प्रकरण में कोई संबंध न रहनेवाले व्यक्ति पर ‘हत्यारा’ का धब्बा लगाने के लिए सिद्ध, ऐसे एक रहस्य की अचूक जानकारी विजयवाणी, दिग्विजय न्यूज २४x७ को प्राप्त हुई है !
मुदुरू-मंड्या जिले के नवीन नामक हिन्दुत्वनिष्ठ युवक को अवैध रूप से कारतूस रखने के आरोप में हाल ही में पुलिस प्रशासन ने बंदी बनाया है। अब उसके विरोध में गौरी लंकेश की हत्या का आरोप लगाने का प्रयास चल रहा है ! नवीन को आरोपी ठहराने के लिए उसके एक मित्र को ही साक्षी के रूप में सामने लाने के लिए एसआयटी पुलिस ने षडयंत्र रचने का नाटक आज के दिन छूटे हुए नवीनकुमार के प्रिय मित्र गिरीश ने विजयवाणी, दिग्विजय न्यूज के सामने उजागर किया है !

नवीन को कहां बंदी बनाया गया ?

पुलिसकर्मियोंद्वारा दी गई जानकारी के अनुसार १८ फरवरी को मैजेस्टिक में कारतूस बेचते समय नवीन को बंदी बनाया गया; परंतु वास्तव में उसे १४ फरवरी को बिरुरू में उसके घर पर बंदी बनाए जाने की गिरीश ने जानकारी दी !
मुदुरू-मंड्या जिले के नवीन नामक हिन्दुत्वनिष्ठ युवक को अवैध रूप से कारतूस रखने के आरोप में हाल ही में पुलिस प्रशासन ने बंदी बनाया है। अब उसके विरोध में गौरी लंकेश की हत्या का आरोप लगाने का प्रयास चल रहा है !

नवीन का भाई तिम्मेगौड का मत

नवीनकुमार के मोबार्इल के आधार पर उसका मित्र अनिलकुमार को उसी दिन बंदी बनाया गया। १५ फरवरी को अभिलाष ने मुझे फोन कर लक्ष्मी देवालय के निकट बुलाया और वहां पहुंचते ही मुझे घेरकर जीप में डाला गया, ऐसा गिरीश ने कहा।
वो प्रश्‍न, जिनके उत्तर नहीं मिले हैं . . .
  • वर्ष २०१७ के सायं ५ को हुई गौरी लंकेश की हत्या, महाराष्ट्र में की गई डॉ. नरेंद्र दाभोलकर (२० अगस्त २०१३) की हत्या, कॉ. गोविंद पानसरे (१६ फरवरी २०१५), साथ ही कर्नाटक में की गई एम एम कलबुर्गी (३० अगस्त २०१५) की हत्या एक ही पद्धति से की गई है। हेल्मेट पहनकर आए आक्रमणकारियों ने बहुत निकट से माथे पर गोली मारी है। दोनों राज्यों के जांच दलों ने विशेष आयाम रखकर जांच करने का प्रयास किया है फिर भी अभीतक आरोपियों का पता नहीं लगा है !
  • गौरी प्रकरण में पुलिस ने रेखाचित्र निकाला किया था, जिसमें एक संदिग्ध के माथे पर कुंकुम लगाया गया था। इससे यह सरकार हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ताओं को लक्ष्य बना रही है, ऐसा संदेह था। हेल्मेट पहने हुए व्यक्ति के माथे पर लगाया गया कुंकुम पुलिस को कैसे दिख पड़ा ?, इस बात से यह संदेह उत्पन्न हुआ !

४ लोगों को बंदी बनाया गया था

अवैधरूप से कारतूस रखने के आरोप में पुलिस प्रशासनद्वारा बंदी बनाए गए नवीनकुमार उपाख्य होट्टे मंज को ही बंदी बनाने का निश्चित किया गया था; परंतु वास्तव में तब पुलिस ने ४ लोगों को बंदी बनाया था। १४ फरवरी को नवीनकुमार को बंदी बनाए जाने के पश्‍चात १५ फरवरी को श्रीरंगपट्टण के अनिलकुमार, मुद्दुरू तहसिल के हेम्मनहळ्ळी गांव के गिरीश, कस्तुर के अभिलाष को भी बंदी बनाया गया था। १५ फरवरी को न्यायालयद्वारा पुलिस हिरासत देना अस्वीकार करने के पश्‍चात इन तीनों को पुलिस ने छोड दिया है !

प्राण संकट में होने का भय

एक ओर इस प्रकरण में मेरे मित्र को ‘फिक्स’ करने का प्रयास दिखाई देता है, तो दूसरी ओर मुझे मेरी जान को धोका हैं ! राजनीतीक दबाव को बलि चढकर पुलिस प्रशासन ने हमें इस बडे प्रकरण में फंसाने का निश्‍चय किया है। कुछ मिडिया निराधार विचारों का प्रसार कर नवीनकुमार को आरोपी के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं, ऐसा कहते समय गिरीशकुमार की आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने ऐसा प्रतिपादन किया है कि यदि नवीनकुमार दोषी है, तो उसे उचित दंड मिले; परंतु राजनीतिक लाभ के लिए किसी हिन्दुत्ववादी को बलि मत चढाईए !

गिरीश ने क्या बताया ?

प्रश्‍न : नवीनकुमार के संबंध में आपको क्या जानकारी है ?
गिरीश : हम विगत अनेक वर्षों से मित्र हैं। उनके हिन्दुत्वनिष्ठ विचार मुझे अच्छे लगने से मैं उनके साथ जुड गया। वे मुझे अपना छोटा भाई मानते हैं !
प्रश्‍न : पुलिस ने उनको बंदी क्यों बनाया ?
गिरीश : नवीन हिन्दू युवासेना की स्थापना कर संघर्ष कर रहे थे। मुदुरू में ईसाईयोंद्वारा हिन्दुओं के धर्मांतर की घटनाएं बढ रही थी। २ मास पहले उन्होंने अपना संघर्ष अधिक तीव्र बनाया था। उस समय बेंगळुरू के नगरविकास मंत्री के.जे. जॉर्ज ने पुलिस थाने में दूरभाष कर नवीनकुमार के विरोध में कार्रवाई करने का निर्देश दिया था !
प्रश्‍न : तो क्या इस एक कारण के लिए इतना बडा प्रकरण ?
गिरीश : केवल इतना ही नहीं ! के.एम. दोड्डी में विवादित भूमिपर मस्जिद खडी की जा रही थी। उसकी जानकारी मिलते ही नवीनकुमार ने उसके विरोध में संघर्ष किया। उस समय एक संघटनद्वारा उनकी हत्या की धमकी दी गई थी। इस कारणवश पुलिस प्रशासन ने उनको कुछ दिन बाहर रहने का सुझाव दिया था; इसलिए वे बिरुरू में ठहरे थे !
प्रश्‍न : आप को बंदी बना के उन्होंने क्या किया ?
गिरीश : १५ फरवरी को अभिलाष एवं मुझे बंगळुरू ले जा या गया। हमें कहां ले जाया जा रहा है, यह हमारी समझ में न आए; इसके लिए हमें सर नीचे कर बिठाया गया। तब हमारा वाहन तुमकूर के मार्गपर होने का मुझे ध्यान में आया। वहां से कुछ दूरीपर हमारा मुख टॉवेल से ढक दिया गया तथा उसके पश्‍चात हमें एक रिसॉर्ट में ले जाया गया। दो लोग हमारे सामने ही नवीनकुमार को खींचते हुए लेकर आ गए। अण्णा से बहुत मारपीट की गई थी। उनको देखकर मुझे रोना आ गया। मुझे ऐसा लगा कि धर्मांतर तथा अवैध मस्जिद निर्माण के विरोध में संघर्ष करने के कारण उनको बंदी बनाया गया होगा !
प्रश्‍न : रिसॅार्ट में क्या किया गया ?
गिरीश : १९ फरवरी को हम तीनों के विरोध में रेल स्थानक पर संदेहजनक स्थिति में घूमने का आरोप लगाकर अभियोग पंजीकृत किया गया। उसके पश्‍चात हमें रिसॉर्ट ले जाकर वहां हमारा उत्पीडन किया गया। वहां हमारे साथ अश्‍लील भाषा में गालीगलोच की गई।
प्रश्‍न : पुलिसकर्मियों का आपके साथ व्यवहार कैसा था ?
गिरीश : उसका शब्दों में वर्णन करना संभव नहीं है; परंतु इस प्रकरण के प्रति उनमें भी भय है; क्योंकि राजनीतिक दबाव के कारण वे हमें बलि चढाने का प्रयास कर रहे हैं ! ‘‘महाराष्ट्र में भी जांच चल रही है। वहां यदि हम झूठे सिद्ध हो गए, तो हमारी लज्जा भी नहीं बचेगी’’, उनको ऐसा बोलते हुए मैने सुना है !

इलेक्शन का टेन्शन तथा निर्दोष की बलि चढाई जाना !

राज्य सरकार विधानसभा चुनाव में भाजपा की लहर को रोकने का प्रयास कर रही है; परंतु राज्य में हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ताओं की हत्याएं राज्य शासन के लिए सिरदर्द बन गया है। इसका पहले से ही संदेह है कि राज्य सरकार गौरी लंकेश हत्या प्रकरण में हिन्दू संघटनों को फंसाकर भाजपा की मानहानि का प्रयास कर रही है। श्री. नवीनकुमार को बंदी बनाया जाना, इसकी पुष्टि करता है। गौरी हत्या प्रकरण में पुलिस ने श्री. नवीनकुमार को लक्ष्य क्यों बनााया ?, इतनी शीघ्रता से पुलिस प्रशासन जांच क्यों कर रहा है ?, ऐसे प्रश्‍न उत्पन्न हो रहे हैं। चुनाव के समय लोगों के मन पर इस प्रकार के सूक्ष्म विचारों का प्रभाव होता है। उसमें भी आंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में रहे गौरी लंकेश हत्या प्रकरण का रहस्यभेदन करने की अपेक्षा हत्या करनेवालों की पार्श्वभूमि महत्त्वपूर्ण है !
इसके लिए दाहिनी विचारधारावाले भाजपा तथा हिन्दू संघटनों से संपर्क में होनेवाले व्यक्ति को आरोपी प्रमाणित करना आवश्यक था, ऐसी शंका उत्पन्न हो रही है ! संदिग्ध आरोपी श्री. नवीन हिन्दुओं के संघर्ष में अंतर्भूत थे। साथ ही उनकी भाजपा और हिन्दू संघटनों के नेताओं से निकटता थी। उनको शस्त्र रखने के कानून के अंतर्गत बंदी बनाकर गौरी प्रकरण में उनको फंसाने का यह एक राजनीतिक षडयंत्र है, यह आरोप है।
श्री. नवीन को प्रमुख आरोपी बनाया गया, तो चुनाव समाप्त होनेतक इस प्रकरण की आग जलती रहेगी ! उसके पश्‍चात न्यायालय में क्या होगा ?, इसके साथ किसी को कोई लेना-देना नहीं है ! आज के दिन चल रही जांच तो पूर्व नियोजित षडयंत्र है, ऐसा दिखाई देता है !

Wednesday, 14 February 2018

मिस्त्र : अश्लीलता फैलाने के आरोप में रूसी बेली डांसर इकाटेरीना एंड्रीवा गिरफ्तार, भारत में एेसी कार्यवार्इ कब ?



रूस की बेली डांसर इकाटेरीना एंड्रीवा को मिस्त्र में अश्लीलता फैलाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है । ३१ वर्षीय एंड्रीवा ने मिस्त्र के गीजा के एक नाइटक्लब में डांस किया था, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी कर ली गई । हालांकि बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया ।
रिपोर्ट्स के अनुसार डांस के दौरान बेली डांसर ने जो कपडे पहने थे वह काफी अश्लील थे और बहुत ही ज्यादा उत्तेजित करने वाले थे । इसलिए पुलिस ने बेली डांसर की गिरफ्तारी की थी । नाइटक्लब में एंड्रीवा द्वारा किए गए डांस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ । वीडियो इतना वायरल हो गया कि पुलिस की नजर भी इस पर पड गई, जिसके बाद एंड्रीवा को गिरफ्तार कर लिया गया ।
मेल ऑनलाइन के अनुसार गवहारा उर्फ इकाटेरीना एंड्रीवा का जो वीडियो वायरल हुआ है, उसमें वह बैकलेस ड्रेस पहनी हुई दिख रही हैं । उनकी ड्रेस एक तरफ से कमर तक कटी हुई है । इसके अलावा उनके ऊपर बिना अंडरगार्मेंट पहनें डांस करने का भी आरोप लगा है । पुलिस का कहना है कि इस तरह के कपडे पहनकर अश्लील डांस करने के कारण युवा भटक सकते हैं । युवाओं के लिए यह काफी अनैतिक है ।
मिस्र के अभियोजक हातिम फदल का कहना है, ‘एंड्रीवा ने बिना अंडरगार्मेंट पहनें डांस किया, जो कि बहुत अश्लील था ।’ इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि एंड्रीवा के पास काम करने के लिए जरूरी लाइसेंस भी नहीं है । इस मामले में अगला कदम क्या होगा इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है, फिलहाल एंड्रीवा के डांस पर रोक लगा दी गई है ।

1 comment:

  1. पाॅर्न, अश्लीलता ये एेसे शब्द है जिन्हे भारतीय सभ्यता में कोर्इ स्थान नही है इसे सुनने में हमे शरम महसुस होती है । परंतु इसी पॉर्न फिल्म देखने में आज भारत ४ थे स्थान पर है । पॉर्न अभिनेत्री सनी लिआेन गुगल में सर्च होनेवाली पहले नंबर में है यानी लोग इसे ज्यादा सर्च करते है । कॅनडा मूल की सनी लिआेन ने भारत में आकर अश्लील फिल्मों में काम किया आैर लाेगों ने उसे पसंद किया । उसके बाद अमेरिकी पोर्न फिल्मों की अभिनेत्री मिया मालकोवा भी पाॅर्न फिल्मे कर रही है । आैर इन्हे यह अवसर देनेवाले निर्माता है राम गोपाल वर्मा जिन्होने मार्च २०१७ में कहां था, ‘दुनिया की हर महिला पुरुष को ऐसी खुशी दे जैसी सनी लियोन देती हैं !’ इस से उनका महिलाआें की आेर देखने का नजरीया साफ हो रहा है । यह बात हम इसलिए याद दिला रहे है क्योंकी जहां भारत में अश्लिलता को इतना खुले आम दिखाया जाता है की उससे आज के युवाआें की हाेनेवाली हानी की आेर नजरअंदाज किया जा रहा है । परंतु हाल ही मिस्त्र ने जो कदम उठाया है उसे देख लग प्रश्न उठ रहा है कि, क्या देव, ऋषिमुनियों के पावन भूमि में एेसा कदम भारत उठाएगा ? अपनी सांस्कृतिक पहचान बरकरार रखने के लिए देश में अश्लीलता फैलानेवाले लोगोंपर कार्यवार्इ करेगा ? 

Friday, 20 October 2017

State Coordinator Akhil Bhartiya Grahak Panchayat killed by miscreants


यदि पटाखों से ध्वनि प्रदूषण होता है, तो अजान के लाउडस्पीकर पर चुप्पी क्यों : तथागत रॉय, त्रिपुरा गवर्नर

पटाखों पर लगे प्रतिबंध को लेकर त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने दिवाली पर पटाखे फोड़ने का समर्थन करते हुए कहा है कि दिवाली पर पटाखों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण पर जंग छिड़ जाती है। लेकिन सुबह साढ़े चार बजे होने वाली अजान पर कोई बात नहीं होती। मंगलवार को उन्होंने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट टि्वटर पर लिखा कि हर बार दिवाली पर पटाखों से फैलने वाले ध्वनि प्रदूषण को लेकर जंग छिड़ जाती है। साल के सिर्फ कुछ दिनों तक। किंतु सुबह साढ़े चार बजे लाउडस्पीकर पर होने वाली अजान को लेकर कोई बहस नहीं होती।
अगले ट्वीट में उन्होंने यह भी कहा कि, अजान से फैलने वाले ध्वनि प्रदूषण पर सेक्युलर लोगों का चुप रहना उन्हें हैरान करता है। उन्होंने आगे बताया कि कुरान या हदीस नहीं कहते कि लाउडस्पीकर के जरिए अजान पढ़ी या पढ़ाई जाए। मुअज्जिन मीनारों से अजान को चिल्ला कर पढ़ते हैं, जिसके लिए मीनारें बनी हैं। लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल इस तरह से इस्लाम का विरोध करता है।
रॉय का यह बयान तब आया है, जब सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली और एनसीआर इलाके में दिवाली पर वायु और ध्वनि प्रदूषण के मद्देनजर पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया था। कोर्ट का कहना था कि ऐसा कर के दोनों ही जगहों पर वायु की गुणवत्ता मापी जाएगी।
स्त्रोत : जनसत्ता

पाकि‍स्‍तान में अल्‍पसंख्‍यकों पर जुल्‍म : पुलि‍सवालों ने घर से नि‍कालकर पीटा

पाकिस्‍तान में अल्‍पसंख्‍यकों पर अत्‍याचार की रिपोर्ट्स अक्‍सर आती रहती हैं । प्रसिध्द कॉलमनिस्‍ट व लेखक तारिफ फतेह ने एक वीडियो ट्वीट किया है, जिसमें पुलिस की वर्दी पहने कुछ जवान घरों में तोडफोड करते दिख रहे हैं । फतेह का दावा है कि, वीडियो ‘इस्‍लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्‍तान’ का है जहां पुलिस ईसाइयों के घरों पर हमला कर रही है । वीडियो में दिख रहा है कि, काली वर्दी पहने युवक घरों में घुसते हुए लोगों पर डंडे बरसाते चले जाते हैं । कुछ महिलाएं चीखती-पुकारती हुई निकलती हैं तो उन्‍हें भी पीटा जाता है । कुछ लडकों को युवक उठा कर भी ले गए ।
पाकिस्‍तान में ईसाइयों पर हमलों की खबरें आती रही हैं । मार्च २०१५ में लाहौर के गिरजाघरों में दो धमाके हुए थे जिसमें १४ लोग मारे गए थे और ७० घायल हुए थे । २००९ में पंजाब के गोजरा इलाके में भीड ने ४० घरों को फूंक दिया था । जिसमें ८ ईसाइयों की जलकर मौत हो गई थी ।
हाल ही में एक रिपोर्ट आई थी कि, यहां हर साल लगभग एक हजार लडकियों को शादी के लिए जबरन मुसलमान बनाया जाता है । इसकी रोकथाम के लिए पंजाब के पंजाब, बलूचिस्‍तान और खैबर पख्‍तूनवां प्रांतों में हिंदू विवाह विधेयक पारित किया गया था ।
यह वार्ता पढकर कुछ सूत्र ध्यान में आते है, जैसे कि :
१. पाकिस्तान जैसे इस्लामिक देशों में अल्पसंख्यंकों पर अत्याचार होना अब कोर्इ नर्इ बात नहीं है । भारत भी पिछले सैकडो सालों से इस्लामी आतंकवाद का सामना कर रहा है आैर यह लडार्इ आज भी शुरू है ।
२. पाकिस्तान जैसे इस्लामिक देश में हिन्दूआें की दु:स्थिती को भारतीय हिन्दूआें ने जानकर यह स्थिती भारत मे उत्पन्न ना हो इसलिए जागृत होकर संगठित प्रयास करने की आवश्यकता है । आज भारतीय हिन्दू जिहादी आतंकवाद, लव जिहाद जैसे माध्यमों से जिहाद का शिकार बन रहे है । परंतु कर्इ हिन्दू एैसे है जो ‘सर्वधर्मसमभाव’ का चष्मा पहने हुए है आैर इसलिए उन्हें भविष्य में उनपर क्या संकट आ सकता है इसका अंदाजा नहीं लगा सकते ।
३. भारत में किसी भी चर्च पर एक पत्थर भी फेका जाता है तो उसे Breaking News बनानेवाली मिडीया तथा सभी सेक्युलर कार्यकर्ता क्या अब पाकिस्तान के पुलिस को ‘सेक्युलरिजम’ का पाठ पढाएंगे ? या ‘सर्वधर्मसमभाव’ का आचरण केवल हिन्दूआें ने ही करना चाहिए एैसा इन्हें लगता है ?

कुरान पढने में सुखद और आनंददायक नहीं है : सलमान रश्दी

विवादित पुस्तक ‘द सैटेनिक वर्सेज’ के लेखक सलमान रुश्दी एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार चर्चा में होने की वजह है इस्लाम के पवित्र धर्मग्रंथ कुरान पर दिया गया था उनका बयान। सलमान रुश्दी ने कहा है कि कुरान पढने में सुखद और आनंददायक नहीं है। ब्रिटेन में चेलटेनहम लिटरेचर फेस्टिवल में शिरकत करते हुए उन्होंने कहा कि मैं कुरान नहीं पढ पाता हूं, क्योंकि ये मुझे मजेदार नहीं लगता है।
विवादित पुस्तक ‘द सैटेनिक वर्सेज’ लिखने के लिए इस्लामिक कट्टरपंथियों के निशाने पर लगभग ३० साल रहने वाले सलमान रुश्दी फिर से मुसलमानों के निशाने पर आ सकते हैं। १९८८ में प्रकाशित ‘द सैटेनिक वर्सेज’ को दुनिया भर के मुसलमानों ने ‘ईश निंदक’ करार दिया था। उनकी इस किताब को लेकर मुस्लिम समुदाय में इस कदर गुस्सा भडका था कि कई लोगों ने उनकी हत्या के लिए फतवा जारी किया था। इसमें ईरान के सर्वोच्च धर्मगुरु अयातुल्लाह खुमैनी का फतवा सबसे चर्चा में रहा था। उन्होंने सलमान रुश्दी की हत्या करने वालों को लाखों डॉलर देने की घोषणा की थी।
संदर्भ : जनसत्ता

बांग्लादेश : जबरन छुट्टी पर भेजे गए देश के पहले हिन्दू प्रधान न्यायधीश सुरेंद्र कुमार सिन्हा

बांग्लादेश के पहले हिन्दू प्रधान न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिन्हा को जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया है ! यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब सरकार उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के महाभियोग से सरकार का अधिकार समाप्त करने के उनके निर्णय को लेकर उनसे नाखुश है । सिन्हा शुक्रवार रात को आस्ट्रेलिया रवाना हो गए । उन्होंने कहा कि, वह जुलाई के अपने निर्णय पर उत्पन्न हुए विवाद को लेकर आहत हैं । उन्होंने सरकार के इन दावों को भी खारिज किया कि, वह बीमार हैं !
ऑस्ट्रेलिया रवाना होने से पहले उन्होंने कहा, ‘‘मैं न्यायपालिका का संरक्षक हूं, न्यायपालिका के हित में, मैं अस्थायी रूप से रवाना हो रहा हूं ताकि उसकी छवि को नुकसान नहीं पहुंचे । मैं वापस आऊंगा !’’ सिन्हा ने कहा कि, वह दृढ़ता से इस बात को मानते हैं कि, हालिया निर्णय को लेकर उनके रुख को सरकार ने गलत समझा, जिससे प्रधानमंत्री शेख हसीना नाखुश हैं । उन्होंने उम्मीद जताई कि, वह तथ्यों को जल्द महसूस करेंगी । सिन्हा ने विधि मंत्री अनीसुल हक के उनकी बीमारी के बारे में दावे को भी खारिज किया ।
उन्होंने लिखित बयान भी जारी किया । सरकारद्वारा ३ अक्तूबर से उनकी एक महीने की बीमारी की छुट्टियां घोषित किए जाने के बाद मीडिया के साथ यह उनका पहला संवाद है । उल्लेखनीय है कि, बांग्लादेश के उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायधीश सुरेन्द्र कुमार सिन्हा अपने एक बयान को लेकर कुछ महीनों पहले चर्चा में आ गए थे । प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बांग्लादेश की तुलना पाकिस्तान से करने को लेकर उनकी आलोचना की थी । साथ ही उन पर देश का अपमान करने का आरोप लगाया था !
इस मुस्लिम बहुसंख्यक देश में सिन्हा उच्चतम न्यायालय के प्रथम हिन्दू प्रधान न्यायाधीश हैं । न्यायमूर्ति सिन्हा ने पाकिस्तान के शीर्ष न्यायालयद्वारा वहां के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को पद से हटाए जाने का उल्लेख करते हुए कहा था कि, बांग्लादेश की न्यायपालिका काफी संयम रही है । सिन्हा ने न्यायालय में सुनवाई के दौरान कहा था, ‘‘हम बहुत-बहुत धैर्यवान हैं । पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने प्रधानमंत्री को हटा दिया । क्या इस पर कोई आलोचना हुई ? नहीं !’’
स्त्रोत : जनसत्ता